परिष्कृत व्यक्तित्व एक सिद्धि एक उपलब्धि

Author: Pt. Shriram Sharma Aacharya

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Preface

उच्चशिक्षा, चतुरता या शरीर सौष्ठव भर से कोई व्यक्ति न तो आत्म- संतोष पा सकता है और न लोक सम्मान ।। इन सबसे महत्त्वपूर्ण है परिष्कृत व्यक्तित्व ।। प्रतिभाशील और उन्नतिशील बनने का अवसर इसी आधार पर मिलता है ।।

समग्र व्यक्तित्व के विकास को विज्ञान की भाषा में "बौडी इमेज" कहा जाता है ।। जिनने इस दिशा में अपने को विकसित कर लिया, उनने दूसरों को प्रभावित करने की विशिष्टता को उपलब्ध कर लिया ।। ऐसे ही व्यक्तित्व प्रामाणिक और क्रिया कुशल माने जाते हैं ।। उनकी माँग सर्वत्र रहती है ।। वे न तो हीन समझे जाते हैं और न अपने कामों में असफल रहते हैं ।। "बौडी इमेज" से तात्पर्य सौंदर्य, सज्जा या चतुरता से नहीं, वरन व्यक्तित्व की उस विशिष्टता से है जिसके आधार पर किसी की वरिष्ठता एवं विशिष्टता को स्वीकार किया जाता है ।। यह किसी के विश्वस्त, क्रियाकुशल एवं प्रामाणिक होने की स्थिति है ।। जिसके पास यह संचय है समझना चाहिए उसके पास बहुत कुछ है ।। जो इस क्षेत्र में पिछड़ गया, समझना चाहिए उसे तिरस्कार का भाजन बनना पड़ेगा ।।

Table of content

1. समग्र व्यक्तित्व का विकास कैसे हो ?
2. व्यक्ति के विकास का उद्गम केन्द्र
3. व्यक्तित्व गठन हेतु एकमात्र अवलम्बन
4. उत्थान की आकांक्षा और दिशाधारा
5. जीवन मुक्ति का वास्तविक आनन्द कैसे मिले
6. देवमानव बनने का आह्वान
7. प्रामाणिकता की समर्थ क्षमता
8. खरे व्यक्तित्व की सही कसौटी
9. व्यक्तित्व परिष्कार हेतु गहराई तक प्रवेश करना होगा
10. व्यक्ति मात्र वंश परम्परा से नहीं बनता

Author Pt. Shriram Sharma Aacharya
Edition 2014
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistar Trust
Page Length 40
Dimensions 12 cm x 18 cm
  • 12:26:PM
  • 6 Jun 2020




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