गाँव सर्वसुखप्रदा

Author: Brahmavarchasva

Web ID: 918

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Preface

उपरोक्त समस्याओं का समाधान करने में मानव की सामर्थ्य जवाब दे गई है ।। मानव जितना सुलझाने का प्रयत्न करता है, समस्याएँ दिन पर दिन उतनी ही जटिल से जटिलतर होती जा रही हैं ।। इन सभी समस्याओं का समाधान एक मात्र सभी देवी- देवताओं की संगठित शक्ति सर्वदेवमयी गोमाता ही कर सकती है ।।

क्या करें, कैसे करें? जयति जय गोमाता, सर्व रोगहारी पंचगव्य चिकित्सा, गावः सर्वसुखप्रदाः जैसे गोसंवर्द्धन साहित्य के प्रचार- प्रसार में अपना तन, मन, धन लगा दें ।। आज का सबसे बड़ा युग धर्म यही है कि इस गोविज्ञान का प्रचार- प्रसार किया जाए ।।

गो- संवर्द्धन आज देश की धार्मिक, आध्यात्मिक, राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक, नैतिक, व्यावहारिक, लौकिक एवं पारलौकिक अनिवार्य आवश्यकता है ।। गोसंवर्द्धन साहित्य खरीदकर लोगों में दान करें ।। आज सबसे बड़ा पुण्य- परमार्थ यही है ।।

गोसेवा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष प्राप्त करने का सर्वसुलभ, सरल और सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक साधन है ।। गौ, गंगा, गायत्री, गीता ।। ये चारों भारतीय संस्कृति के स्तंभ हैं, जिन पर संस्कृति टिकी है ।। वेद, शास्त्र, पुराण, महाभारत, गीता इत्यादि आर्ष ग्रंथों के अध्ययन, चिंतन, मनन से यह सिद्ध हो गया है कि (१) गोमाता हमारी सर्वोपरि श्रद्धा का केन्द्र है ।। (२) भारतीय संस्कृति की आधारशिला है ।। (३) वस्तुतः गोमाता सर्व देवमयी है ।।

Table of content

1. समस्याएँ अनेक, किंतु समाधान एक

Author Brahmavarchasva
Publication Shree Vedmata Gayatri Trust (TMD)
Publisher Yug Nirman Yojna Trust
Page Length 24
Dimensions 9 X 12 cm
  • 11:50:AM
  • 29 Jan 2020




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