संस्मरण जो भुलाए न जा सकेंगे

Author: Pt. Shriram Sharma Acharya

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Preface

प्रेमी हृदय का मार्ग

घृणा, विद्वेष, चिड़चिड़ापन, उतावली, अधैर्य, अविश्वास यही सब उसकी संपत्ति थे ।। यों कहिए कि संपूर्ण जीवन ही नारकीय बन चुका था, उसके बौद्धिक जगत में जलन और कुढ़न के अतिरिक्त कुछ भी तो नहीं था ।। सारा शरीर सूखकर काँटा हो गया था ।। पड़ोसी तो क्या पीठ पीछे मित्र भी कहते- स्टीवेन्सन अब एक- दो महीने का मेहमान रहा है; पता नहीं, कब मृत्यु आए और उसे पकड़ ले जाए ?

विश्वविख्यात कवि राबर्ट लुई स्टीवेन्सन के जीवन की तरह आज सैकड़ों- लाखों व्यक्तियों के जीवन मनोविकारग्रस्त हो गए हैं पर कोई सोचता भी नहीं कि यह मनोविकार शरीर की प्रत्येक जीवनदायिनी प्रणाली पर विपरीत प्रभाव डालते हैं ।। रूखा- सूखा बिना विटमिन प्रोटीन और चरबी के भोजन से स्वास्थ्य खराब नहीं होता, यह तो चिंतन, मनन की गंदगी, ऊब और उत्तेजना ही है जो स्वास्थ्य को चौपट कर डालती है शरीर को खा जाती है ।।

Table of content

1. प्रेमी हृदय का मार्ग
2. सबसे बड़ी पराजय का दिन
3. निर्बुद्धि संत और विद्वान बुढ़िया
4. नौ सौ बच्चों के स्नेहपूर्ण पिता
5. शैतानियत से इस तरह निपटा जाए
6. पक्षपात किया जाए तो इस तरह
7. अध्यवसायी-ईश्वरचंद्र
8. जगहित आपनि खोरि कराऊँ
9. आराम नहीं काम चाहिए
10. संकल्प तोड़ना ठीक बात नहीं
11. प्लास्टिक का दिल बनाने वाले महान डॉक्टर
12. सहनशीलता में महानता सन्निहित है
13. परमार्थ की प्राथमिकता
14. अपव्ययता किसी की भी न चली
15. सादगी और कम खरची का अनुकरणीय आदर्श
16. "जाओ करो" नहीं, "आओ करो"
17. नियमबद्धता और कर्त्तव्यपरायणता-बडप्पन का आधार
18. जीवन-समर्पण की अनोखी पुण्य-प्रक्रिया
19. धर्म एक और सनातन है
20. व्यवस्थित जीवन की कुंजी-समय की पाबंदी
21. सत्य-मेरा जीवन मंत्र
22. दुर्जनों से मान जाऊँ हार, यह संभव नहीं है
23. विनयात् याति पात्रताम्
24. सफाई तो स्वाभाविक धर्म

Author Pt. Shriram Sharma Acharya
Edition 2015
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistar Trust
Page Length 160
Dimensions 12 cm x 18 cm
  • 08:39:PM
  • 20 Nov 2019




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