अतींद्रिय क्षमताओं की पृष्ठभूमि

Author: Pt. shriram sharma

Web ID: 816

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Preface

मनुष्य स्वयं ही एक जादू है। उसकी चेतना चमत्कारी है। उसकी दौड़ जिधर भी चल पड़ती है, उधर ही चमत्कारी उपलब्धियाँ प्रस्तुत करती है। बाह्य जगत् की अपेक्षा अंतर्जगत् की शक्ति अदृश्य होकर भी कहीं अधिक प्रखर और प्रभावपूर्ण होती है। मस्तिष्क में क्या विचार चल रहे होते हैं यह दिखाई नहीं देता, पर क्रिया व्यापार की समस्त भूमिका मनोजगत् में ही बनती है।
अंतर्जगत् विशाल और विराट् है, उससे एक व्यक्ति ही नहीं, बड़े समुदाय भी प्रेरित और प्रभावित होते हैं।

भविष्यवाणियों से सार्थक दिशा बोध

"पूँजीवाद तथा साम्यवाद एक कमरे में कैसे रह सकते हैं ?’’ इटली में वह शक्ति कहाँ, जो वह विश्व युद्ध में भाग ले ? मुसोलिनी का उदय एक अपराजेय शक्ति के रूप में हुआ है। उसका पतन असंभव है ? विश्व संस्था का निर्माण एक असंगत कल्पना है, जिसकी स्थापना कभी भी संभव नहीं ?’’ एक पत्रकार ने दृढ़ शब्दों में इटली के सुप्रसिद्धि भविष्यवक्ता फादर पियो का प्रतिवाद किया। पियो का कथन था-

Table of content

• भविष्यवाणियों से सार्थक दिशा बोध
• अतींद्रिय क्षमताओं की पृष्ठभूमि व आधार
• श्रवण और दर्शन की दिव्य शक्तियाँ
• अंतर्निहित विभूतियों का आभास-प्रकाश
• पूर्वाभास-संयोग नहीं तथ्य
• भूत और भविष्य-ज्ञात और ज्ञेय
• पूर्वाभास और अतींद्रिय दर्शन के वैज्ञानिक आधार

Author Pt. shriram sharma
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 104
Dimensions 12 cm x 18 cm
  • 08:11:AM
  • 25 Jan 2020




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