स्त्री रोग प्रसुति और बालरोग चिकित्सा

Author: Pt. Shriram Sharma

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Preface

आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान चूँकि मानव के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ- साथ व्यापक रूप से उसके जीवन के आध्यात्मिक, मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक पक्षों से सम्बन्धित है, इसी कारण आयुर्वेद का भारतीय दर्शनों से मूलरूप से घनिष्ठ सम्बन्ध रहा है और जीवन दर्शन को मौलिक रूप से प्रतिपादित करने की चेष्टा सदैव आयुर्वेद मनीषियों की रही है ।।

वर्तमान में आयुर्वेद शिक्षा का प्रचलन मात्र पाठ्यक्रम के आधार पर महाविद्यालयों में ही है, अन्यत्र नहीं ।। इसका कारण व्यावसायिक शिक्षण का दर्जा प्राप्त होना है जिसके कारण आयुर्वेद के उन व्यावहारिक पक्षों का ज्ञान जन- सामान्य को सही रूप में नहीं हो पाता, जिसे व्यक्ति अपने जीवन में उतार सके ।।

शान्तिकुंज चूँकि आध्यात्मिक एवं सामाजिक पुनरुत्थान का संस्थान है, जो व्यक्ति को लोकव्यवहार का प्रशिक्षण देता है ।। यहाँ व्यक्ति को इस योग्य बना दिया जाता है कि वह समाज में अपने को पूर्ण रूप से व्यवस्थित कर अपना जीवनयापन कर सके ।। इन्हीं तथ्यों पर आधारित यह स्वास्थ्य संरक्षक पाठ्यक्रम है जिसके अन्तर्गत स्त्रीरोग, प्रसूति एवं बाल कल्याण नामक विषय प्रस्तुत किया जा रहा है ।।

यद्यपि आज का युग सहशिक्षा और स्त्रियों की प्रगति के सम्पूर्ण द्वारों को खोलने का है तथा स्त्री हर क्षेत्र में उच्च शिखर पर विराजमान भी है, इसके बावजूद भी स्त्रियाँ अपने तथा शिशु के रक्षार्थ पूर्ण सचेत नहीं है ।। विशेषकर ग्रामीण इलाकों एवं मध्यमवर्गीय परिवारों में यह ज्ञान एवं सही जानकारी न के बराबर है, जिसके कारण बाल मृत्यु दर तथा प्रसूता मृत्यु दर नियंत्रित नहीं हो पा रही है ।। प्रतिवर्ष अनगिनत बच्चे एवं माँ अकाल ही मौत का कारण बन रहे हैं ।।

Table of content

प्रथम अध्याय
स्त्री स्वास्थ्य की महत्ता
स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी नियम
स्त्री शरीर के विशेष अंग-अवयव

द्वितीय अध्याय
आर्तव (मसिक स्राव)
परिचय संरचना, आर्तव मात्रा एवं अवधि
आर्तव प्रवृत्ति काल
आर्तव दर्शन
आर्तव निवृत्ति
आर्तव दोष
आर्तव रोगों का वर्णन

तृतीय अध्याय
सुसंतति हेतु आचार संहिता
स्त्री-पुरुष के कुल एवं स्वास्थ्य
प्रथम सन्तानोत्पादन काल एवं स्त्री पुरुष में अंतर

चतुर्थ अध्याय
गर्भाधान
गर्भ का पोषण
गर्भस्थ रक्त संवहन

पञ्चम अध्याय
पुंसवन संस्कार
पुंसवन कर्म या संस्कार विधि एवं अवधि

षष्ठम अध्याय
गर्भावस्थाकालीन रोग

सप्तम अध्याय
मासानुमासिक गर्भिणी परिचया एवं
मासानुमासिक आहार-विहार

अष्टम अध्याय
सामान्य एवं असामान्य गर्भ
सामान्य गर्भ की मासानुमासिक वृद्धि
असामान्य गर्भ
सामान्य गर्भ का विकास

नवम अध्याय
गर्भावस्था में आचरणीय विधान

दशम अध्याय
प्रसव संबंधी ज्ञान एवं प्रसव
प्रसव संबंधी सावधानियाँ

एकादश अध्याय
प्रसवोत्तर परिचर्या

द्वादश अध्याय
सद्य: प्रसूता हेतु परम्परागत औषध

त्रयोदश अध्याय
प्रसूतिका रोग एवं बचाव तथा सावधानी

चतुर्दश अध्याय
सन्तति निग्रह




Author Pt. Shriram Sharma
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 58
Dimensions 14 cm x 21.5 cm
  • 06:16:PM
  • 26 May 2020




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