स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं० श्रीराम शर्मा आचार्य

Author: Brahmvarchas

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Preface

पं ० श्रीराम शर्मा आचार्य (( श्रीराम मत्त) का स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान

संक्षिप्त जीवन परिचय

सुप्रसिद्ध स्वाधीनता संग्राम सेनानी, राष्ट्रसंत पं ० श्रीराम शर्मा आचार्य उफ श्रीराम मत (वे राजनीति में इसी नाम से पुकारे जाते थे) का जन्म आगरा जिले के ग्राम- आँवलखेड़ा में २० सितम्बर सर १९११ में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ ।। आँवलखेड़ा आगरा जिले के स्वाधीनता संग्राम का प्रमुख स्थान था ।। (देखें- पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम के सैनिक (३३) पृष्ठ १३ सूचना विभाग उ० प्र० लखनऊ) यों उनका परिवार क्षेत्र का प्रतिष्ठित पुरोहित- बाह्मण परम्परा का था पर बालक श्रीराम प्रारम्भ से ही इस जातिगत अहंकार से ऊपर थे ।। इस मामले में वे कबीर से बहुत प्रभावित थे-"जाति- पाँति पूछे नहिं कोई, हरि को भजै सो हरि का होई ।।" कबीर के प्रति निष्ठास्वरूप उन्होंने बाल्यावस्था में ही अपने गाँव में एक बुनताघर खोला था जहाँ गाँव के बच्चों को बुलाकर वे उन्हें बुनाई सिखाते थे ।। घर वालों के भारी विरोध के बावजूद उन्होंने अपने गाँव की एक वृद्ध हरीजन महिला का उपचार (उसके जीवित रहने तक) स्वयं अपने हाथों किया ।। अपने घर से ले जाकर भोजन भी कराते रहे ।। हरिजन सेवा और स्वदेशी आन्दोलन दोनों ही उन्हें विरासत में- बापू से मिले थे ।।

सत्याग्रह उनके जीवन में कूट- कूट कर भरा था ।। घर वाले नहीं चाहते थे कि वे स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लें ।। कम उम्र में शादी हो गई थी ससुराल वाले भी असहयोग करते थे ।।
Author Brahmvarchas
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 20
Dimensions 12 cm x 18 cm
  • 08:08:AM
  • 1 Apr 2020




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