शक्तिवान बनिए !

Author: Pt shriram sharma acharya

Web ID: 625

`6
`8
Add to cart

Availability: In stock

Condition: New

Brand: AWGP Store

Preface

"निर्बल व्यक्ति जीवन भर दु:ख भोगते हैं। जिसका शरीर निर्बल है, उसे बीमारियाँ सताती रहेंगी। सांसारिक सुखों से उसे वंचित रहना पडे़गा। इन्द्रियाँ साथ न देंगी,तो सुखदायक वस्तुएँ पास होते हुए भी उनके सुख को प्राप्त न किया जा सकेगा। जो आर्थिक दृष्टि से निर्बल है, वह जीवनोपयोगी वस्तुएँ तक जुटाने में सफल न होसकेगा। सुखी और सफल मनुष्यों के समाज में उसे दीन- हीन गरीब समझकर तिरस्कृत किया जाएगा।" इस प्रकार हम देखते हैं कि अशक्तता एक अभिशाप है, वह चाहे शारीरिक हो, चाहे मानसिक हो, चाहे आर्थिक हो या फिर किसी प्रकार की हो। "दैवो दुर्बलघातक:" की उक्ति सर्वत्र चरितार्थ होती हुई दिखाई देती है। इस अभिशाप से किस प्रकार मुक्ति प्राप्त की जा सकती है? कैसे अपने जीवन को समर्थ और सक्षम बनाया जा सकता है? इन्हीं प्रश्नों के समाधान प्रस्तुत पुस्तिका में सूत्र रूप में संकलित किये गये हैं। इन्हें अपने जीवन में प्रयोग कर इनके माध्यम से शक्ति- सम्पन्नता प्राप्त कर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।

Table of content

1. शक्ति संचय के सूत्र
2. मनचाही सुख समृद्धि प्राप्त करने के लिए अध्यात्म विज्ञान को सीखिये
3. मैं अविनाशी हूँ, इसे अध्यात्मवाद का दीक्षा मंत्र समझिए
4. परिस्थितियों का जन्मदाता अपने आपको मानिए
5. शक्ति संचय के पथ पर आरूढ़ होइए

Author Pt shriram sharma acharya
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 64
Dimensions 9 cm x 12 cm
  • 08:13:AM
  • 25 Jan 2020




Write Your Review



Relative Products