नमो वेदमाता, नमो विश्वमाता

Author: Pt. Shriram Sharma Aacharya

Web ID: 616

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Preface

गायत्री की महिमा अपार है ।। वह भूलोक की कामधेनु है ।। संसार का कोई कष्ट ऐसा नहीं, जो माता की कृपा से न कट सके और विश्व की कोई वस्तु ऐसी नहीं, जो माता के अनुग्रह से प्राप्त न हो सके ।।

साधक और ईश्वरसत्ता- गायत्री माता के बीच लम्बा फासला है ।। इस फासले को हटाने का कार्य २४ अक्षरों के मंत्र से होता है ।। जैसे जमीन पर खड़ा हुआ मनुष्य सीढ़ी की सहायता से ऊँची छत पर पहुँच जाता है, वैसे ही गायत्री का उपासक इन २४ अक्षरों की सहायता से क्रमश: एक- एक भूमिका पार करता हुआ, ऊपर चढ़ता है और माता के निकट पहुँच जाता है ।।

Table of content

1. नमो वेदमाता, नमो विश्वमाता
Author Pt. Shriram Sharma Aacharya
Publication yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 32
Dimensions 9 cm x 12 cm
  • 04:04:PM
  • 9 Aug 2020




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