मूढ मान्यताओं की भूलभुलैया मे भटके नहीं

Author: Pt. shriram sharma

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Preface

भ्रांतियाँ हटाएँ, कुरीतियाँ मिटाऐं

किसी भी समाज अथवा राष्ट्र की प्रगति एवं समुन्नति में उसकी चिंतन पद्धति का सबसे बड़ा योगदान होता है ।। प्राचीनकाल की स्थिति भिन्न थी ।। तब बुद्धि का इतना अधिक विकास नहीं हुआ था और न ही चिंतन को प्रभावित करने वाले आज जैसे सुविकसित तंत्र थे ।। उपलब्ध प्रकृतिप्रदत्त परिस्थितियाँ तथा मानवी पुरुषार्थ प्रगति अथवा अवगति के कारण बनते थे ।। अस्तु, मानवी प्रयासों का एकमात्र केंद्रबिंदु था- बाह्य परिस्थितियों का अनुकूलन ।। वह मनुष्य के विकास की आरंभिक अवस्था थी, जब चिंतन का क्षेत्र अपरिचित था ।।

आज की स्थिति दूसरी है ।। साधनों का महत्त्व तो आज भी है, पर विचारशील समुदाय में उससे भी अधिक महत्त्व वैचारिक संपदा को दिया जा रहा है ।। समाज की सामूहिक चिंतन पद्धति का विकास अथवा पतन के अनिवार्य तथ्य के रूप में स्वीकारा जा रहा है ।। अभीष्ट प्रयोजन के लिए जनमानस में एक निश्चित तरह की विचारधारा देने के मनोवैज्ञानिक प्रयोग भी विभिन्न देशों में विभिन्न प्रकार से चलते रहते हैं ।। साम्यवाद की चिंतन पद्धति में देशवासियों को रंगने के लिए सरकारी, गैर सरकारी और शैक्षणिक स्तर पर प्रयास करते रहते हैं ।। रेडियो, टेलीविजन, पत्र- पत्रिकाएं उक्त लक्ष्य को सार्थक करने में जन- मानस की ब्रेनवाशिंग करते तथा अपने प्रयोजन में सफल भी हो जाते हैं ।।

पूँजीवादी देशों में पूंजीवाद की उपयोगिता, सार्थकता सिद्ध करने के लिए कितने ही प्रत्यक्ष और परोक्ष राजनीतिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रयोग चलते रहते हैं ।। अधिनायकवाद, साम्राज्यवाद के दिन तो लद गए पर अपने समय में वे भी उपर्युक्त तरह की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाकर ही सफल रहे ।।

Table of content

1. भ्रांतियाँ हटाएँ, कुरीतियाँ मिटाएँ
2. अंधविश्वासों के दलदल से निकलें
3. औचित्य को ही मान्यता मिले
4. भाग्यवाद नहीं, पुरुषार्थवाद
5. मृतकभोज-मुरदे का मांस खाने जैसा गर्हित कार्य
6. भिक्षा का अर्थ है-अकर्मण्यता को बढा़वा देना
7. समाज को जर्जर बनाती-यह ऊँच-नीच, जाति-पाँति प्रथा
8. इन हास्यास्पद परंपराओं से तो बचना ही होगा
9. विवेकदृष्टि जगाएँ-प्रचलित ढर्रा तोड़ें
Author Pt. shriram sharma
Edition 2014
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 64
Dimensions 12 cm x 18 cm
  • 11:04:PM
  • 24 Jan 2020




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