ईक्कीसवी सदी नारी सदी-62

Author: pt shriram sharma acharya

Web ID: 373

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Preface

इक्कीसवीं सदी महापरिवर्तनों की वेला है। इन दिनों हम सब संक्रमणकाल से गुजर रहे हैं एवं सूक्ष्म जगत् में नियन्ता वह विधि-व्यवस्था बनाने में जुटा है, जिसमें सारी धरित्री का भाग्य नये सिरे से लिखा जा रहा है। महाकाल का लक्ष्य है-सतयुग की वापसी। इस सतयुग में नारी का खोया वर्चस्व उसे नये सिरे से प्राप्त होगा, वह स्वयं उठेगी-अवांछनीयताओं के बंधनों से मुक्त होगी एवं ऐसा कुछ कर गुजरने में समर्थ होगी, जिसमें उसके अपने समुदाय, जन-समाज एवं समस्त संसार को न्याय मिलने की सम्भावना बनेगी तथा उज्ज्वल भविष्य की गतिविधियों को समुचित प्रोत्साहन मिलेगा, ऐसा परमपूज्य गुरुदेव का मत है इस खण्ड में नारी शक्ति का विगत में पराभव कैसे हुआ, कैसे पुनः उसका जागरण हो धरती पर देवत्त्व के पुन: विस्तरित होने की व्यवस्था बनेगी, महिला जागरण अभियान क्या है व कैसे यह विराट मत्स्यावतार का रूप लेने जा रहा है- इस पर विस्तार से विवेचन प्रस्तुत किया गया है।

Author pt shriram sharma acharya
Publication yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 394
Dimensions 20 cm x 27 cm
  • 05:41:AM
  • 14 Aug 2020




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