गायत्री की असंख्य शक्तियाँ

Author: pt Shriram sharma acharya

Web ID: 360

`5
`6
Add to cart

Availability: In stock

Condition: New

Brand: AWGP Store

Preface

परब्रह्म परमात्मा की चेतना, प्ररेणा, सक्रियता, श्रमता एवं समर्थता को गायत्री कहते हैं। इस विश्व की सर्वोपरि शक्ति है। अन्य छुट-पुट शक्तियाँ जो विभिन्न प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त होती है, वे देव नामों से पुकारी जाती हैं। यह समस्त देवशक्तियाँ उस परम शक्ति की किरणें ही हैं, उनका अस्तित्व इस महत्त्व के अंतर्गत ही है। उपादान, विकास एवं निवारण की त्रिविध देव शक्तियाँ ब्रह्मा, विष्णु, महेश के नाम से विख्यात हैं। पंच तत्वों की चेतना को आदित्य, वरुण, मरुत और अंतरिक्ष पुकारते हैं। इंद्र, बृहस्पति, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, गणेश, अश्विनी, वसु, विश्वेदेवा आदि सृष्टि के विभिन्न प्रयोजनों में संलग्न शक्तियाँ ही हैं। चूँकि ये दिव्य हैं, प्राणियों को उनका अपार अनुराग मिलता है इसलिए इन्हें देवता कहते हैं और
श्रद्धापूर्वक पूजा, अर्चा एवं अभिवंदन करते हैं। यह सभी देवता उस महत्तत्व के स्फुल्लिंग हैं जिसे अध्यात्म भाषा में गायत्री कहकर पुकारते हैं। जैसे जलते हुए अग्नि कुंड में से चिंनागारियाँ उछलती हैं, उसी प्रकार विश्व की महान शक्ति सरिता की लहरें उन देवशक्तियों के रूप में देखी जाती हैं। सम्पूर्ण देवताओं की सम्मिलित शक्ति को ‘गायत्री’ कहा जाए तो यह उचित ही है।

Table of content

• गायत्री की असंख्य शक्तियाँ और उनका सान्निध्य

• अचिन्त्यलक्षणा

• अव्यक्ता

• अमृतार्णवमध्यस्था

• अजिता

• अपराजिता

• अणिमा द्विगुणाधारा

• अर्कमंडलसंस्थिता

• अजरा

• अजा

• अकारादिज्ञकारांता

• अरिषडवर्गभेदिनी

• असुरघ्नी

• आदिलक्ष्मी

• आदिशक्ति

• आग्नेयी

• आसनस्थिता

• अंतरध्वान्तनाशिनी

• इष्टदा

• इंदुरुपिणी

• इषुसंधानकारिणी

• इडापिंगलारुपिणी

• ईश्वरीदेवी

• उषा

• उडुप्रभा

• उर्ध्वकेशी

• उर्ध्वाधोगतिभेदिनी

• ऋषिदेवनमस्कृता

• ऋणहर्ती

• ऋषि-मंडलचारिणी

• ऋजुमार्गस्था

• एहिकामुष्मिकप्रदा

• ओतप्रोतनिवासिनी

• औपासनफलप्रदा

• कलकंठिनी

• कल्याणी

• कालरूपिणी

• कमंडलुधरा

• कर्मनिर्मूलकारिणी

• कामदुधा

• खड्ग

• खेटकरी

• खेचरी

• खलघ्नी

• गंगा

• गोमयी

• गुणत्रयविभाविता

• गुणवती

• गुर्वी

• गुह्या

• गर्वापहारिणी

• चतुर्भुजी

• चातुरी

• चरित्रप्रदा

Author pt Shriram sharma acharya
Edition 2011
Publication yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 32
Dimensions 12 cm x 18 cm
  • 05:20:PM
  • 9 Aug 2020




Write Your Review



Relative Products