समग्र क्रान्ति हेतु युवाओं की तैयारी

Author: Vichar Kranti Abhiyan

Web ID: 29

`12 Add to cart

Availability: In stock

Condition: New

Brand: AWGP Store

Preface

वसंत आगमन के साथ प्रकृति अँगड़ाई लेकर उत्साह, उमंग और उल्लास प्रदर्शित करती है । वृक्षों की नवकलिकाएँ प्रस्फुटित होकर नवपल्लवों एवं पुष्पों से प्रकृति का श्रृंगार करती हैं । मानव-जीवन की अवधि भी शिशु बालक, किशोर, युवा, वयस्क, प्रौढ़ एवं वृद्ध अवस्थाओं में विभाजित की गई है । युवावस्था जीवन का वसंतकाल है । इस अवस्था में शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ विचारों एवं भावनाओं में भी परिवर्तन दृष्टिगोचर होता है । परिवर्तन के ये क्षण भावी जीवन को सुधारने और बिगाड़ने दोनों का कार्यकर सकते हैं । इस संक्रमण काल में युवाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है, ताकि राष्ट्र की युवाशक्ति दिग्भ्रमित न हो । वह विध्वंस में न लगकर सृजन में लगे । यह पुस्तक इसी उद्देश्य की पूर्ति करेगी और युवाशक्ति को युग के सृजन में नियोजित करेगी । आत्मीय पाठक बंधुओं से निवेदन है कि इस पुस्तक की अधिकाधिक प्रतियाँ मँगाकर युवा वर्ग में पहुँचायी जाएँ ।

Table of content

1 आज की परिस्थितियाँ और युवा
2 नई और पुरानी पीढी़ का संघर्ष
3 युवको, उठो !
4 युवक सज्जनता और शालीनता सींखे
5 युवा संन्यासी स्वामी विविकानंद का संदेश
6 साहसी चलने वाले
7 जागो शक्तिमान युवाओं
8 अच्छा जीवन, अच्छे विचार
9 युवाओं से
10 युवा शक्ति को प्रेरित एवं सुनियोजित करने का अभियान चले
11 कुछ सुनिश्चित सूत्र
12 सात आंदोलन-व्यावहारिक सूत्र
13 हम युवा शक्ति को दिशा दें
14 युवा आह्वान
15 मशाल वंदना
16 युवाओं के लिए उपयोगी साहित्य
17 पूज्य गुरूदेव द्वारा रचित युवकों के लिए उपयोगी साहित्य.
Author Vichar Kranti Abhiyan
Edition 2010
Publication Yug Nirman Yogana, Mathura
Publisher Yug Nirman Yogana, Mathura
Page Length 48
Dimensions 180mmX120mmX2mm
  • 12:02:AM
  • 24 Nov 2020




Write Your Review



Relative Products