पं. श्रीराम शर्मा आचार्य दर्शन एवं दृष्टि

Author: Brahmavarchasva

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Preface

समय के साथ बदलती परिस्थितियाँ नित नई चुनौतियां प्रस्तुत करती हैं । जटिलताओं के मकड़जाल में छटपटाती जीवित जीवनियाँ मानसिक तनाव, सांस्कृतिक विलम्बना और अपूर्णता से छुटकारा पाना चाहती है। सुविधाओं की ओर अंधी दौड़ के प्रतिभागी मृग मारीचिका के चक्रव्यूह में फँस जाते हैं । ऐसे में हताशा कुंठा और निराशा का दावानल अपना प्रभाव दिखाकर प्रतिभाओं पर कुठाराघात करने लगते हैं । असामान्य परिस्थितियों के धरातल पर बहुआयामी जीवन को जीने की व्यवहारिक कला सीख कर यथार्थ के समीप पहुंचना सहज नहीं है । अखिल विश्व गायत्री परिवार के सस्थापक पं श्रीराम शर्मा आचार्य की मानवीय जीवन लीला वर्तमान समय में प्रेरणा पुंज बनकर विश्व के करोड़ों लोगों के आत्म विश्वास को पुष्ट करके सतुंष्टि के मार्ग प्रशस्त कर रही है । समाज के सभी पक्षों को एक साथ आत्मसात करना असम्भव नहीं तो कठिन अवश्य है।

Table of content

1. सम्पादकीय
2. हमारे गुरुदेव
3. पत्रिका विवरण
4. अश्वमेध महायज्ञ
5. विराट संस्कार महोत्सव
6. प्रज्ञापुराण कथा आयोग
7. प्रशिक्षण सत्र
8. युग चेतना शिविर
9. कार्यशालायें
10. शिविर
11. विभिन्न वर्गो के विशेष प्रशिक्षण सभा
12. विशिष्ट सभा
13. साधना की महत्ता और व्यवस्था
14. गायत्री शक्तिपीठ
15. गुरुग्राम आँवलखेडा़
16. अखण्ड ज्योति संस्थान
17. गायत्री तपोभूमि
18. शांतिकुंज
19. सम्पन्न कराये गये संस्कार
20. भाषान्तर विभाग
21. ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान
22. यज्ञ चिकित्सा
23. भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा
24. संगठन का स्वरूप
25. जोन्स का विभाजन
26. साधक की दैनन्दिनी
27. प्रज्ञा मण्डल, महिला मण्डल, युवा मण्डल
28. आपदा प्रबंधन
29. श्रीराम झोला पुस्तकालय
30. युग निर्माण फिल्म्स
31. गायत्री कुंज देव संस्कृति विश्वविद्यालय

Author Brahmavarchasva
Publication Shree Vedmata Gayatri Trust,
Publisher Shree Vedmata Gayatri Trust,
Page Length 468
Dimensions 15X22 cm
  • 06:03:PM
  • 15 Nov 2019




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