सत्य को पूर्वाग्राहों में न बाँधें

Author: Pt. Shriram Sharma Aacharya

Web ID: 1227

`9 Add to cart

Availability: In stock

Condition: New

Brand: AWGP Store

Preface

सूरज इतना छोटा नहीं है कि उसे एक छोटे कमरे में बंद किया जा सके ।। समग्र सत्य इतना तुच्छ नहीं है कि किन्हीं मनुष्यों का नगण्य- सा मस्तिष्क उसे पूरी तरह अपने में समाविष्ट कर सके ।। समुद्र बहुत बड़ा है, उसे चुल्लू में लेकर हममें से कोई भी उदरस्थ नहीं कर सकता ।। सत्य को जितना हमने जाना है, हमारी समझ और दृष्टि के अनुसार वह सत्य हो सकता है- उस पर श्रद्धा रखने का हर एक को अधिकार है किंतु इससे आगे बढ़कर यदि ऐसा सोचा जाने लगा कि अन्य लोग जो सोचते हैं, वह सब कुछ मात्र असत्य ही है, तो यह पूर्वाग्रहपूर्ण मान्यता सत्य की अवमानना ही होगी ।।

Table of content

1. धरती सत्य पर टिकी हुई है
2. सत्य में हजार हाथियों का बल
3. सच्चाई जीवन की सर्वश्रेष्ठ रीति नीति
4. शस्त्रबल से अधिक शक्तिशाली सत्य बल
5. सत्य सदा ही कल्याणकारी होता है
6. सत्यमेव जयते नानृतम्
7. दुराग्रह छोडने से ही सत्य के निकट पहुँचेगें
8. सत्य का आधार है विवेक
9. मस्तिष्क को पक्षपात से दूर रखिये

Author Pt. Shriram Sharma Aacharya
Publication Yug Nirman Yogana, Mathura
Publisher Yug Nirman Yogana, Mathura
Page Length 48
Dimensions 12X18 cm
  • 12:30:AM
  • 6 Jun 2020




Write Your Review



Relative Products