सृजन शिल्पियों के संगठन की रीति-नीति

Author: Brahmavarchsva

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Preface

अपने प्रयत्न से नव निर्माण विचारधारा से प्रभावित एक समुदाय इस परिवार के प्रत्येक सदस्य को बनाने का प्रयास करना चाहिए ।। इस अभियान के सम्पर्क में आने पर व्यक्ति की विचारणा उत्कृष्टता की ओर और कार्यपद्धति आदर्शवादिता की ओर निश्चित रूप में अग्रसर होती है ।। वे स्वयं अपना स्तर ऊँचा उठाने से सुख- शांतिमय समुन्नत जीवन जीते हैं और अपने सम्पर्क में आने वालों को हर्षोल्लास भरी परिस्थिति में रहने का अवसर देते हैं ।। चन्दन का वृक्ष अपने आस- पास उगते हुए झंखाड़ों को भी सुगन्धित बना देता है ।। युग निर्माण विचारधारा के सम्पर्क में आया हुआ व्यक्ति चन्दन वृक्ष से कम नहीं अधिक ही होता है ।।

Table of content

1. हम संघबद्ध होकर काम करें
2. महान अभियान के महान दायित्व
3. सुसंगठन की अनिवार्यता
4. सज्जनों का संगठन आवश्यक
5. ठोस सबल आधार-साधना आधारित संगठन
6. देव परिवार
7. गायत्री परिवार की संगठनात्मक संरचना
8. संगठित इकाईयाँ
9. नवचेतना विस्तार केन्द्र
10. युवा संगठन
11. समयदानी बैंक- समर्थ समयदानी सहयोगी समूह भी जरूरी
12. समर्थ समयदानियों का प्रामाणिक तंत्र
13. समर्थ समयदानियों का विकास एवं नियोजन
14. सृजन शिल्पी यह कर
15. संगठित इकाइयों का अन्य संगठनों से तालमेल
16. आर्थिक अनुशासन
17. सृजन सैनिक सावधान रहें
18. सम्मोहित नहीं- उत्साहित हों

Author Brahmavarchsva
Publication Shree Vedmata Gayatri trust (TMD)
Publisher Vedmata Gayatri trust (TMD)
Page Length 88
Dimensions 14 X 22 cm
  • 08:06:AM
  • 25 Jan 2020




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