मैं क्या हूँ ?

Author: Pandit Shriram Sharma Aacharya

Web ID: 101

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Condition: New

Brand: AWGP Store

Preface

इस संसार में जानने योग्य अनेक बातें है । विद्या के अनेकों सूत्र हैं, खोज के लिए, जानकारी प्राप्त करने के लिए, अमित मार्ग है । अनेकों विज्ञान ऐसे हैं, जिनकी बहुत कुछ जानकारी मनुष्य की स्वाभाविक वृत्ति है । क्यों ? कैसे ? कहाँ ? कब ? के प्रश्न हर क्षेत्रमें वह फेंकता है । इस जिज्ञासा भाव के कारण ही मनुष्य अब तक इतना ज्ञान संपन्न और साधन संपन्न बना है । सचमुच ज्ञान ही जीवन का प्रकाश स्तंभ है । जानकारी की अनेक वस्तुओं में से अपने आपकी जानकारी सर्वोपरि है । हम बाहरी अनेक बातों को जानते है याजानने का प्रयत्न करते हैं, पर यह भूल जाते हैं कि हम स्वयं क्या है ? अपने आपके ज्ञान प्राप्त किए बिना जीवन क्रम बड़ाडाँवाडोल. अनिश्चित और कंटकाकीर्ण हो जाता है । अपने वास्तविक स्वरूप की जानकारी न होने के कारण मनुष्य न सोचने लायक बातें सोचता है और न करने लायक कार्य करता है । सच्चीसुख-शांति का राजमार्ग एक ही है, और वह है- आत्मज्ञान ।

इस पुस्तक में आत्मज्ञान की शिक्षा है । मैं क्या हूँ ? इस प्रश्न का उत्तर शब्दों द्वारा नहीं, वरन् साधना द्वारा हृदयंगम करानेका प्रयत्न इस पुस्तक में किया गया है । यह पुस्तक अध्यात्म मार्गके पथिकों का उपयोगी पथ प्रदर्शन करेगी, ऐसी हमें आशा है ।

Table of content

1. पहला अध्याय
2. दूसरा अध्याय
3. तीसरा अध्याय
4. चौथा अध्याय
Author Pandit Shriram Sharma Aacharya
Edition 2014
Publication Yug Nirman Yogana, Mathura
Publisher Yug Nirman Yogana, Mathura
Page Length 48
Dimensions 181mm X119mmX2mm




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