अदभुत, आश्चर्यजनक किन्तु सत्य

Author: Pt. Shriram sharma

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Preface

पिता एक ऐसा शब्द है, जिसका उच्चारण करते ही निश्चिन्ततापूर्ण संरक्षण की अनुभूति होती है। पूज्य आचार्यश्री एक वृहद् परिवार के पिता थे। एक ऐसा परिवार, जिसके सदस्यों को उन्होंने एक खास मकसद के लिए दुनिया के कोने-कोने से तलाशा व तराशा था। वह उनके संरक्षण और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे। वह बहुत दूर बैठकर भी अपने एक-एक बच्चे का ध्यान रखते थे। उनका हर शिष्य आज भी सदैव उनके स्नेहिल संरक्षण में होने की स्पष्ट अनुभूति करता है और अपने शिष्यों के साथ उनके अलग-अलग रूपों में होने के प्रमाण हमें आये दिन मिलते रहते हैं। दैहिक, दैविक एवं भौतिक तापों से संतप्त इस संसार में पूज्यवर ने अपने मानसपुत्रों को कई बार आसन्न संकटों से बचाया। गायत्री परिवार का इतिहास ऐसी अनेकानेक घटनाओं से भरा पड़ा है।

आचार्यवर द्वारा स्थापित गायत्री परिवार के सहस्रों कार्यकर्ता, लाखों-लाख उनके पुत्र व पुत्रियाँ ऐसी कई घटनाओं के स्वयं साक्षी हैं। इन अद्भुत् घटनाओं की गिनती करना, इन्हें किसी पुस्तक में बाँध पाना असंभव-सा काम है। फिर भी, कदम-कदम पर प्राप्त होते रहे युगऋषि के अद्भुत् अनुदानों को लेकर जन्मशताब्दी वर्ष में रोम-रोम से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए श्रद्धासुमन के रूप में प्रस्तुत हैं- पूज्यवर के वरदपुत्रों द्वारा अभिव्यक्त कुछ अविस्मरणीय अनुभूतियाँ।

Table of content

1. मन्त्र पूत जल का कमाल
2. ऐसे थे पूज्य गुरुदेव
3. घट-घट में बसै गुरु की चेतना
4. गुरु चिन्तन से मिली कारागार से मुक्ति
5. एक ही दिन में मिले तीन जीवनदान
6. मृत महिला को मिला नया जीवन
7. माँ के लहूलुहान हाथ
8. इसी बुड्ढे़ ने बचाई थी मेरी जान
9. काल के गाल से निकाला महाकाल ने
10. ईसाई चिकित्सक को दिव्य दिशा निर्देश
11. पल भर में सुनी गई अबला की पुकार
12. आस्था से मिली संकट से मुक्ति
13. चुटकियों में हुआ ब्लड कैंसर का इलाज
14. और वह तबादला वरदान बन गया!
15. नतमस्तक हो गये वनवासी लुटेरे
16. तुम सदा रहते साथ हमारे
17. फलित हुआ माँ का आश्वासन
18. और आखिर गुरुदेव ने सुनी उनकी बात
19. खण्डित होने से बचा समयदान का संकल्प
20. शक्तिपात से पल मात्र में हुआ कायाकल्प
21. मैं अभागन उन्हें पहचान न पाई
22. गुरुदेव ने मेरी दृष्टि बदल दी
23. तीर के वार से भी कुछ नहीं बिगड़ा
24. निर्मूल सिद्ध हुई डॉक्टरों की आशंका

Author Pt. Shriram sharma
Publication Yug Nirman Yojana Vistar trust, Mathura
Publisher Yug Nirman Yojana Press, Mathura
Dimensions 14X22 cm
  • 07:11:PM
  • 16 Dec 2019




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