आसन-प्राणायाम से आधि-व्याधि निवारण

Author: Pt. Shriram Sharma Acharya

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Preface

यह एक निर्विवाद तथ्य है कि आज की सभ्यता की घुड़दौड़ में मानव समुदाय शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से जर्जर, दिनोंदिन दुर्बल होता चला जा रहा है इतना ही नहीं उसका दिन का चैन एवं रात की नींद भी प्रभावित होते चले जाने से तनाव जन्य रोगों एवं मनोविकारों में बड़ी तेजी से अभिवृद्धि हुई है ।। सभ्यता की दिशा में प्रगति से आधुनिक विज्ञान ने अनेकानेक- साधन मनुष्य को उपलब्ध कराए हैं ।। द्रुतगामी वाहन, ऐशो- आराम के साधन जहाँ एक समुदाय को अकर्मण्य आलसी बनाते चले जा रहे हैं, वहाँ दूसरी ओर स्वास्थ्य के आहार- विहार संबंधी नियमों की जानकारी के अभाव में एक बहुसंख्यक समुदाय जो ग्रामों या कस्बों में निवास करता है अपेक्षाकृत अधिक जल्दी रोगी एवं बूढ़ा होता चला जा रहा है ।।

Table of content

1. आसन व्यायाम एक समग्र स्वास्थ्य संवर्धन प्रक्रिया
2. स्वास्थ्य रक्षा के चौबीस स्वर्णिम सूत्र
3. रोग क्यों व कैसे होते हैं ? कैसे उनसे बचा जाए ?
4. मालिश : एक उपयोगी व्यायाम
5. आसन व्यायामों के विभिन्न प्रचलित स्वरूप एवं पूर्व नियम
6. प्रस्तावित आसन योग विधान एवं उसका तत्त्वज्ञान
7. प्राण का स्वरूप एवं तत्त्वज्ञान
8. प्राण शक्ति से संकल्प-बल का अभिवर्धन प्रसुप्त का जागरण
9. प्राणायाम : मनोबलवर्धक, श्रेष्ठ उपचार पद्धति
10. प्राणायाम चिकित्सा से मनोविकारों का उपचार
11. मस्तिष्क के शक्ति केंद्र एवं उनके जागरण से मनोविकारों का निवारण
(1) नाड़ीशोधन प्राणायाम
(2) प्राणाकर्षण प्राणायाम
(3) सूर्यवेधन प्राणायाम
(4) सोऽहम साधना

Author Pt. Shriram Sharma Acharya
Edition 2015
Publication Yug nirman yojana press
Publisher Yug Nirman Yojana Vistara Trust
Page Length 216
Dimensions 12 cm x 18 cm




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