ऋषि चितंन के सान्निध्य में -1

Author: Pandit Shriram Sharma Aacharya, Vandaniya Bhagwati Devi Sharma

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Preface

उठो! हिम्मत करो स्मरण रखिए रुकावटें और कठिनाइयाँ आपकी हितचिंतक हैं । वे आपकी शक्तियों का ठीक-ठीक उपयोग सिखाने के लिए हैं । वे मार्ग के कंटक हटाने के लिए हैं । वे आपके जीवन को आनंदमय बनाने के लिए हैं । जिनके रास्ते में रुकावटें नहीं पड़ी, वे जीवन का आनंद ही नहीं जानते । उनको जिंदगी का स्वाद ही नहीं आया । जीवन का रस उन्होंने ही चखा है, जिनके रास्ते में बड़ी-बड़ी कठिनाइयाँ आई हैं । वे ही महान् आत्मा कहलाए हैं, उन्हीं का जीवन, जीवन कहला सकता है ।
Author Pandit Shriram Sharma Aacharya, Vandaniya Bhagwati Devi Sharma
Edition 2013
Publication Yug Nirman Yogana, Mathura
Publisher Yug Nirman Yogana, Mathura
Page Length 412
Dimensions 255mm X192mm X 24mm




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